धनबाद में अवैध शराब ने ले ली एक व्यक्ति की जान, पुलिस अवैध शराब धंधेबाजों पर नकेल कसने में नाकाम

Dhanbad : धनबाद के झरिया में स्थित रजकपट्टी के कोयरिबांध में शनिवार को अवैध शराब ने राजेश रविदास (40 वर्षीय) की की जान ले लिया. घटना के संबंध में रोते बिलखते उसका छोटा भाई विवेक ने बताया कि अवैध शराब ने उनके भाई की की जान ले लिया. उनका भाई शुक्रवार की रात जब घर नहीं आया तो काफी खोजबीन की. शनिवार की सुबह किसीने बताया कि उसका भाई नई दुनिया मोहल्ला के समीप पड़ा हुआ है. जब आकार देखा तो उसकी शाशे नही चल रही है. पास के ही एक निजी अस्पताल मे दिखाया तो उन्होंने उसे मृत बताया. जिसके बाद झरिया पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

राजेश रविदास घर में एकमात्र कमाऊ लड़का

राजेश रविदास घर में एकमात्र कमाऊ लड़का था. उसका भाई भले ही शारिरिक रूप से विकलांग था लेकिन सोनपापड़ी, तिलकुट समेत कई तरह के मिठाई बनाने मे उसे काफी तजुर्बा था। बस उसे एक चीज की बुरी लत थी की वो शराब पीता था। लेकिन उसे नही पता था कि एक दिन यही शराब उसे मौत की गाल में समा देगी.

अवैध महुआ शराब के सेवन से हुई मौत, प्रशासन अवैध शराब के अड्डों को बंद करें बंद

आगे विवेक ने कहा कि उनके भाई की मौत अवैध महुआ शराब के सेवन से हुई है प्रशासन को नई दुनिया मोहल्ला और कोढियापट्टी मे बिक रही अवैध शराब के अड्डों को बंद कराना चाहिए। यहां हर चार से छह महीनों मे जहरीली शराब पीने से किसी न किसी की मौत होती ही रहती है।

नई दुनिया , आशा विहार मे मे निर्मित अवैध महुआ शराब मीठी जहर से कम नहीं

शहर के मुख्य मार्ग समीप बसा नई दुनिया मोहल्ला और आशा विहार कॉलोनी के कुछ अवैध शराब निर्माण के मकान इन दिनों फिर से अपनी अवैध शराब निर्माण और बिक्री के लिए चर्चा का विषय बन गए है। पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा  नशा मुक्ति मुहिम की किस प्रकार धज्जियां उड़ाई जाती है इसका अंदाजा इस बात से ही लग सकता है की झरिया और इसके आसपास के इलाकों मे खुलेआम इन दो बड़े कस्बों मे मौजूद आधा दर्जन शराब माफियाओं से ही पूरे क्षेत्र मे अवैध शराब की खेप सप्लाई होती है। इस चलते ही कुछ लोग इस मोहल्ले को शराब निर्माण कार्य का पिन प्वाइंट भी कहने लगे है। कुछ स्थानीय लोगो ने बताया कि महुआ शराब आमतौर पर पूरी तरह से तैयार होने में दस से बाराह दिनो का समय लगता है लेकिन शराब माफियाओं द्वारा  जल्दीबाजी में महुआ शराब निर्माण में यूरिया , रेणु, नशादर, ऑक्सीटोसिन (ओटी) इंजेक्शन , डाइक्लोमाइन हेड्रोक्लोराइड टेबलेट का इस्तमाल कर महज बारह घंटो में ही तैयार कर बाजार में सप्लाई कर दिया जाता है। महुआ की कच्ची शराब में यूरिया और ऑक्सीटॉसिन जैसे केमिकल मिलाने से मिथाइल एल्कोल्हल बनता है। यहीं जहर का काम करता है और लाेगाें की माैत तक हाे जाती है। मिथाइल शरीर में जाते ही अपने दुष्प्रभाव छाेड़ता है। इससे शरीर के अंदरूनी अंग काम करना बंद कर देते हैं। इसकी वजह से कई बार तुरंत मौत हो जाती है। कुछ बार लोगों में यह प्रक्रिया धीरे-धीरे होती है।

विभागीय छापेमारी की सूचना पहले ही हो जाती है लीक: अनूप साव

पूर्व पार्षद अनूप साव ने कहा की झरिया पुलिस या आबकारी विभाग द्वारा कई बार अचोक छापेमारी के  दौरान हजारों लीटर कच्ची पक्की महुआ शराब नष्ट होती रहती है बावजूद इसके इस धंधे मे शामिल कोई भी धंधेबाज पुलिस के पकड़ मे नही आता इस देख कर तो ऐसा लगता है जैसे की छापेमारी होने की सूचना पहले ही धंधेबाजों को मिल जाती होगी। पुलिस को फॉरन कारवाई करने की आवश्यकता है ताकि कोई दूसरा गरीब घर का चिराग ना बुझ जाए।

आबकारी विभाग धनबाद एस आई जय हेंब्रम ने कहा कि आबकारी विभाग द्वारा लगातार छापेमारी अभियान चलाया जाता है। चुनाव के दौरान भी अभियान चलाया गया था। जल्द ही फिर से झरिया मे अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Latest Articles